Types of motors in hindi, मोटर कितने प्रकार की होती हैं।

     Types of motors in Hindi

आज हम आपको Types of motors in hindi, मोटर कितने प्रकार की होती हैं। के बारे मे मैं आपको जानकारी दूंगा । और इसके साथ ही यहां लर आपको induction motor की पूरी जानकारी दे जायगी यह इंडस्ट्रीज में सबसे ज्यादा प्रयोग होने बाली मोटर होती है। प्रायः मोटर तीन प्रकार की होती हैं, जब हम बाजार में जाते हैं तो motor को खरीदते समय, सबसे ज्यादा यह पूछा जाता है कि कौन सी motor तकनीकी तौर पर  अच्छी है, ac या dc,लेकिन देखने बाली बात यह है कि यह requirement तथा investment पर निर्भर है। 

Google पर बहुत से students, types of motors, types of ac motors, types of servo motors, types of stepper motors आदि search करते रहते हैं।

तो शुरू करते हैं।

Types of motors in hindi, motors के प्रकार, types of ac motors,मोटर कितने प्रकार की होती हैं।
Types of motors

 motor in hindi (मोटर क्या होती है। ओर इसके प्रकार )



Electric motor  एक electromechanical मशीन है जो electrical energy को mechanical energy में बदलती है तथा इसे electric power source से जोड़ने पर यह घूमने लगती है जिससे इससे जुड़ी machine या यन्त्र भी घूमने लगती है।
अर्थात यह electric generator का उल्टा काम करती है जो machanical energy लेकर electric energy पैदा करता है। कुछ motors अलग-अलग condition में motor तथा generator दोनो की तरह भी काम करती हैं।

हमने अपनी पिछले post में आ रही comment के आधार पर types of electric motor मोटर कितने प्रकार की होती है यह post लिखी है।

विधुत मोटर का अविष्कार किसने करा ?


विद्युत चुंबकत्व के माध्यम से यांत्रिक ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा में का पहली बार 1821 में ब्रिटिश वैज्ञानिक माइकल फैराडे द्वारा प्रदर्शित किया गया था। अपने पायलट में, उन्होंने एक स्थायी चुंबक पारा पूल के साथ एक फ्री-हैंगिंग संपर्क कंडक्टर को सहा। वर्तमान में, जब एक धारा एक कंडक्टर के माध्यम से बहती या एक चुंबक के आसपास घूमती है। इसी से हमें गतिज ऊर्जा मिलती है


 motor कितने प्रकार की होती है।

 Types of motors in hindi

1-Ac motors
2-dc motors
3-special motors

1- ac motor कितने प्रकार की होती हैं?- types of ac motor in hindi 

Two types of ac motors in hindi
>Synchronous motors

>Asynchronous motors
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>Asynchronous motors
2 types of Asynchronous motors
1-Squirrel cage induction motor
2-slip ring induction motor
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Squirrel cage induction motor       Applications👇                                   *Low maintenance,.                                 *Highly used                        

Industry में Squirrel cage induction motor का प्रयोग सबसे अधिक होता है यह ज्यादातर 3 phase की प्रयोग में आती हैं क्योंकि इनका maintenance बहुत कम होता है तथा fault आने पर जल्दी repair कर के द्बारा से सुचारू रूप से कार्य करने के लिए लगा दिया जाता है


Slip ring induction  motor
Applications👇
*Use in limited places
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इन्हें भी पढ़े👇
What is plc in hindi


2-dc motors// types of dc motors in hindi


Four types of dc motors
1-Dc shunt motors
2-Dc series motors
3-Dc compound  motor
4-Dc permanent magnet motor
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Dc shunt motors

Applications👇
*Highly useable motor
*Constant speed
*Lathe machine
*Colthe making machine
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Dc series motors

Applications👇
*High starting tourq
*Its used in old trains engine
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Dc compound  motor

Applications👇
*It's combination of series and shunt motor
*It's used in stamping & poling
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Dc permanent magnet motor

Applications👇
*small toy cars
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3-Special  motors, types of  special motors 

( five types of special motors in hindi)
1-Universal  motors
2-Stepper motors
3-Servo motors
4-Brushless dc motors
5-Linear motors
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Universal  motors

Applications👇
*Run ac/dc
*High speed
*Well starting torque
*Mixer
*Drill machine
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Stepper motors

Applications👇
*Robots
*Used in analog movement
--------------------------------------------
Servo motors

Applications👇
*Robots for accurate movement
--------------------------------------------
Brushless dc motors

Applications👇
*Drone
*Light weight
--------------------------------------------
Linear motors

Applications👇
*Used in automatic metro door
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Conversion का यह fourmula बहुत ही अच्छा है। तथा यह बहुत उपयोगी है।

Kilowatt to horsepower conversation

(kw to hp conversation)
Hp=1.341*kw

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horsepower  to kilowatts  conversion (hp to kw conversation)

Kw=0.745*hp

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THREE PHASE AC INDUCTION MOTOR क्या है ?

Induction motor एक AC बिजली की मोटर होती है जो कि एक asynchronous motor होती है ये मोटर electric power को mechanical power में बदलती है और ये यह मोटर सबसे अधिक industry उपयोग में आता है इसमें घिसने वाला कोई element नहीं होता है 
जिससे यह बिना maintenance के बहुत दिनो तक चल सकता है
 क्योकि इस motor  में बहुत ज्यादा power देती है|


Induction Motor का सिद्धांत


जब भी close circuit conductor को rotating चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है, तो कंडक्टर घूमने की कोशिश करता है।

 विधुत मोटर का कार्यसिद्धान्त

इलेक्ट्रिक मोटर एक इलेक्ट्रिक मशीन है जो विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित करती है;  अर्थात, जब यह उपयुक्त शक्ति स्रोत से जुड़ा होता है, तो यह घूमना शुरू कर देता है, जिसके कारण इसके साथ लगी मशीन भी घूमने लगती है।  और फिर यह एक विद्युत जनरेटर के विपरीत काम करता है जो यांत्रिक ऊर्जा लेकर विद्युत ऊर्जा का उत्पादन करता है।  कुछ मोटर्स विभिन्न परिस्थितियों में मोटर्स या जनरेटर दोनों के रूप में भी कार्य करते हैं।

एक विद्युत मोटर विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलने के साधन हैं।  इलेक्ट्रिक मोटर औद्योगिक प्रगति का एक महत्वपूर्ण संकेतक है।  यह एक बहुत ही सरल और बहुत उपयोगी मशीन है।  उद्योगों में शायद ही कोई ऐसा उद्देश्य हो जिसके लिए एक उपयुक्त इलेक्ट्रिक मोटर का चयन नहीं किया जा सकता है।


Three Phase ac इंडक्शन मोटर की संरचना:-


Three फेज इंडक्शन मोटर निम्नलिखित दो अंग होते हैं

(1)  Stator :- 

(2) rotar -


(1)  Stator


  इंडक्शन मोटर का स्टेटर एक rotate स्टेटर की तरह होता है।  यह हिस्सा सिलिकॉन स्टील की गोल चादरों की व्यवस्था करके बनाया गया है। इस पत्ती की मोटाई 0.3 मिमी से 0.65 मिमी तक हो सकती है।


भँवर धारा हानियों को कम करने के लिए, प्रत्येक पत्ती पर वार्निश की पतली परतें लगाई जाती हैं।  जब सभी पत्तियों को एक साथ मोटर फ्रेम में धकेला जाता है और मोटर फ्रेम को व्यवस्थित और कड़ा किया जाता है।  स्टेटर कवर में, घुमावदार आंतरिक खांचे होते हैं जिसमें वाइंडिंग स्थापित होते हैं। स्टेटर में, ये स्लॉट अर्ध-खुले या पूरी तरह से खुले हो सकते हैं।


(2)-Rotar


यह भाग स्टेटर में घूमता है। इसका रोटर बेलनाकार होता है, जिस पर एक नाली बनाई जाती है।  ये खांचे रोटर या शाफ्ट के समानांतर नहीं हैं। यह उनके ऊपर है कि वे एक-दूसरे से संपर्क न करें


मोटर फ्रेम दो प्लेटों आगे पीछे जुड़ी होती है और  प्लेटों को bearing के साथ लगाया जाता है। जिसमे की rotate करता है।   स्टेटर में 3 phase वाइंडिंग हैं जो 3 phase की आपूर्ति के साथ work करती हैं। 


 Stator एक निश्चित pols के लिए कुण्डलित(wind) किया जाता है।  यदि मोटर में 2 ध्रुवों हैं, तो इसकी गति 3000 r.p.m है। और अगर इसमें 4 ध्रुव हैं, तो इसकी गति 1500 r.p.m है।    इस तरह मोटर की गति को ध्रुवों की संख्या को बढ़ाकर कम किया जा सकता है जो सूत्र Ns = 120f ∕ P के द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।


यहाँ:- Ns =सिंक्रोनस स्पीड 

    f = frequency

    p  = no of poll


  रोटर winding को स्टार में  किया जाता है। winding के शेष सिरों को shaft पर तीन परस्पर insulator स्लिप रिंगों पर जोड़ दिया जाता है।


AC induction motor के दुसरे parts  निम्नलिखित है


Bearing seal

Baal Bearing 

Bearing cover

Side cover

Cover fan 

Terminal box


 जैसा कि आप जानते हैं, motor में मूल रूप से दो भाग होते हैं।

  1- stator है जो मोटर के लिए स्थिर है


  2- roter है जो मोटर का एक घूमने वाला हिस्सा है।


  मोटर mechanical energy प्रदान करता है।

  जब स्टेटर 3 phase की आपूर्ति से जुड़ा होता है

  फिर स्टेटर में घूर्णन चुंबकीय क्षेत्र स्थापित 

   होता है। 


वास्तविकता में तो magnatic field घुमता

नही है लेकिन उसके pole इतनी तीव्रता से चक्रीय

क्रम में edited होते है कि वे घुमते हुए प्रतीत होते है।

घुमने वाला magnetic field स्थापित करने के लिए कम

से कम दो phase का होना आवश्यक होता है । इस

घुमने वाले magnetic field के सम्पर्क में जब रोटर

चालक आते है तो रोटर में E.M.F पैदा हो

जाता है ।


Roter में विद्युत वाहक बल के कारण रोटर चालकों में

Magnetic field उत्पन्न हो जाता है और एक ही जगह

पर कार्यरत दो magnetic field की पारस्परिक क्रिया से एक घुमने वाला बल उत्पन्न होता है जिससे rotar

घुमनें लगता है।


Principle of ac Induction Motor


जब भी क्लोज सर्किट CONDUCTOR को घूर्णन चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है, तो CONDUCTOR घूमने की कोशिश करता है।

 3 phase INDUCTION मोटर की संरचना: -

 3 phase INDUCTION मोटर में दो भाग होते हैं।


 1- स्टेटर - stator

2- रोटर - roter


 1- स्टेटर (stator) क्या होता है ?


 इंडक्शन मोटर का स्टेटर अल्टरनेटर के स्टेटर के समान होता है।  यह हिस्सा सिलिकॉन स्टील के गोल पत्तों को व्यवस्थित करके बनाया गया है।  सभी पत्तियों की मोटाई 0.3 मिमी से 0.65 मिमी तक होती है।


भंवर धारा नुकसान को कम करने के लिए, प्रत्येक पत्ती पर वार्निश की पतली परतें चढ़ाकर उनको insulate कर दिया जाता हैं।  जब सभी पत्तियों को एक साथ व्यवस्थित किया जाता है और मोटर फ्रेम के साथ कड़ा किया जाता है।  स्टेटर कोर में, phase winding के लिए आंतरिक परिधि पर खांचे होते हैं जिसमें winding फिट होते हैं।  स्टेटर में, ये स्लॉट अर्ध-खुले या पूरी तरह से खुले हो सकते हैं।


और स्टेटर में दो end प्लेटों को मोटर फ्रेम के साथ जोड़ दिया जाता है और end प्लेटों को रोटर शाफ्ट को घुमाते हुए, बीयरिंग के साथ लगाया जाता है।  स्टेटर में 3 phase winding होती हैं जो 3 phase की supply के साथ work करती हैं।  स्टेटर को निश्चित संख्या में ध्रुवों के लिए wind किया जाता है। 


यदि मोटर 2 ध्रुवों की है, तो इसकी गति 3000r.p.m होती है।  और यदि यह 4 ध्रुवों का है, तो इसकी गति 1500 r.p.m.  होगा।  इस प्रकार ध्रुवों की संख्या बढ़ाकर मोटर की गति को कम किया जा सकता है इसको FORMULA Ns = 120 f/p द्वारा निर्धारित किया जाता है।

  जहाँ: - Ns = सिंक्रोनस स्पीड 

 f = frequency

 p  = no of poll


(२) रोटर Rotor


  यह भी लेमिनेटेड कोर से बनाया जाता है।  इन रोटर में 3-फेज, अल्टरनेटर की तरह दो-गुना वितरित वाइंडिंग हैं।  रोटर में केवल एक pole की ही winding की जाती है जितनी स्टेटर में पोल की winding होती है।


AC इंडक्शन मोटर का रोटर


कई प्रकार के INDUCTION मोटर रोटर होते हैं, जिसके आधार पर मोटर्स के नाम बदल दिए जाते हैं, 

जैसे कि

squirrel single cage rotor

squirrel deep bar cage rotor

squirrel dual cage rotor

wound rotor motor या slip ring motor 


रोटर वाइंडिंग को Internal रूप से एक स्टार  में जोड़ा जाता है।  winding के शेष छोर शाफ्ट पर तीन इंटरकनेक्टेड स्लिप रिंग्स में शामिल हो जाते हैं।

  इंडक्शन मोटर के अन्य भाग निम्नलिखित हैं

 (1) बेयरिंग कवर (2) साइड कवर (3)बेयरिंग सील (4) बाल बेयरिंग (5) पंखा कवर (6) टर्मिनल बॉक्स


अनुप्रयोग Applications:-


जहां उच्च प्रारंभिक थ्रस्ट या बलाघूर्ण की आवश्यकता होती है और मशीन को लोड के साथ शुरू करना पड़ता है, जैसे लिफ्ट, आरा मशीन, लाइन शाफ्ट मिल इत्यादि,  इन सब मे स्लिप रिंग Induction मोटर्स का उपयोग किया जाता है।


AC मोटर और DC मोटर में क्या अंतर हैं।


AC मोटर केवल प्रत्यावर्ती धारा या ac current पर संचालित होती है जबकि DC मोटर केवल प्रत्यक्ष करंट पर संचालित होती है।


1 - AC मोटर केवल प्रत्यावर्ती धारा पर काम करती है और इस मोटर का उपयोग सीधे बैटरी द्वारा नहीं किया जा सकता जबकि DC मोटर सीधे बैटरी का उपयोग कर सकती है।


2 - प्रायः AC मोटर का starting tork कम होता है जबकि DC मोटर का स्टार्टिंग टॉर्क ज्यादा होता है।


3 - ज्यादातर dc मोटर का आकार बढ़ा होता है। ac मोटर के आकार से।


4 - AC मोटर में, stator अल्टरनेटर इनपुट सप्लाई से जोड़ा जाता है, दूसरी तरफ, DC मोटर में, stator और आर्मेचर दोनों DC इनपुट सप्लाई से जोड़ा जाता हैं।


यूनिवर्सल मोटर की खासियत क्या हैं ?

 

यूनिवर्सल मोटर की Specialty यह है कि यह AC और DC दोनों सप्लाई पर चलती है।  इसका उपयोग मिक्सर  मशीन, ड्रिल मशीन, उद्योगों में SFD जैसी मशीनों में किया जाता है।


सर्वो मोटर का उपयोग किया जाता है?


 इस मोटर को काफी सटीक माना जाता है, इसलिए सर्वो मोटर का उपयोग बहाँ किया जाता है जहाँ अधिक सटीकता की आवश्यकता होती है।  इसका इस्तेमाल ज्यादातर रोबोट में किया जाता है।  सर्वो मोटर को vfd से ही चलाया जाता है।


DC Motor के प्रकार। (Types of DC Motor)

(1) DC Series Motor (2) DC Shunt Motor (3) DC Compound Motor


(1) DC Series Motor - डीसी सीरीज मोटर की फील्ड वाइंडिंग को आर्मेचर की श्रृंखला में जोड़ा जाता है, इसलिए इस मोटर को डीसी सीरीज मोटर कहा जाता है।  फ़ील्ड वाइंडिंग मोटे तार और कम मोड़ की होती है, जिसके कारण इसका प्रतिरोध कम होता है।  दोनों फील्ड वाइंडिंग और आर्मेचर वाइंडिंग इस मोटर में समान करंट ले जाते हैं।  मोटर लोड के बिना कम धारा लेती है, और लोड बढ़ने पर करंट भी बढ़ता है। 


लोड के बिना, इस मोटर की एक उच्च गति है, लेकिन बढ़ते भार के साथ घट जाती है।  टोक़ शुरू करने के लिए टोक़ शुरू करना भी बहुत अधिक है, इसलिए इन मोटर्स का उपयोग किया जाता है जहां उच्च शुरुआती टोक़ की आवश्यकता होती है और जहां मोटर पर पहले से ही लोड होता है।  उदाहरण के लिए, यहां लोड पहले से ही मोटर पर है।  इन मोटरों का इस्तेमाल आमतौर पर ट्रेन, ट्राम, क्रेन, डीसी फैन और कन्वेयर में किया जाता है, क्योंकि इन्हें हाई स्टार्टिंग टॉर्क की जरूरत होती है और लोड पहले से ही मोटर पर होता है।


2-Dc shunt motors - इन मोटर्स में, फील्ड विंडिंग आर्मेचर के समानांतर में लगी हुई है, और इसे डीसी शंट मोटर कहा जाता है। इस मोटर में, फील्ड वाइंडिंग पतले तार और अधिक मोड़ की होती है, जिसके कारण फील्ड वाइंडिंग का प्रतिरोध अधिक होता है। इन मोटर्स में फ़ील्ड वाइंडिंग करंट समान रहता है


लेकिन आर्मेचर करंट लोड पर आधारित होता है। लोड बढ़ने पर बढ़ता है और लोड बढ़ने पर घटता है। इन मोटरों की गति पर भार का अधिक प्रभाव नहीं होता है। लोड के बिना गति अधिक है और लोड होने पर थोड़ा कम हो जाता है। डीसी शंट मोटर का उपयोग ज्यादातर टूल्स में किया जाता है और खराद मशीनों में भी उपयोग किया जाता है, क्योंकि इन मोटर्स की गति लगभग हमेशा समान होती है।


Dc compound motors- इन मोटरों में फील्ड वाइंडिंग श्रृंखला और समानांतर दोनों में होती है।  श्रृंखला क्षेत्र घुमावदार मोटी तार और कम मोड़ का है, इसका प्रतिरोध कम है।  श्रृंखला क्षेत्र में घुमावदार वर्तमान भार पर आधारित है।  यदि कम लोड और फ़ील्ड वाइंडिंग अधिक लोड लेगी तो श्रृंखला वाइंडिंग कम धारा लेगी।  समानांतर क्षेत्र घुमावदार में पतले तारों और अधिक घुमाव होते हैं।  इस घुमावदार का प्रतिरोध भी अधिक है।  समानांतर क्षेत्र घुमावदार में, वर्तमान लगभग समान है।


  Compound मोटर भी दो प्रकार की होती है: -


  Cumulative compound motor: - संचयी यौगिक मोटर की श्रृंखला और समानांतर घुमाव में, धारा एक दिशा में बहती है।  इन मोटर्स में गति लोड पर आधारित है, लोड के बिना गति अधिक होगी और लोड बढ़ने पर घट जाएगी।  इन मोटरों का उपयोग किया जाता है जहां लोड एक बार मोटर पर आता है और फिर चला जाता है।  जैसे हथौड़ा, पंचिंग मशीन, शेयरिंग मशीन, लिफ्ट आदि।


  Differential compound motor - इन मोटरों में, श्रृंखला और वाइंडिंग एक दूसरे का विरोध करते हैं।  इन मोटरों में उच्च भार पर कम प्रवाह और कम भार पर अधिक प्रवाह होगा।  इन मोटरों की खासियत यह है कि इन मोटरों में लोड के बिना गति कम होती है और लोड बढ़ने पर गति भी बढ़ जाती है।  इन मोटरों का उपयोग ज्यादातर बैटरी चार्जिंग के लिए किया जाता है।


                निष्कर्ष( conclusion)


Image of इंडक्शन मोटर ऊपर बाली first image, induction motor की ही है ।

विद्युत मोटर का आविष्कार किसने किया ?

वैज्ञानिक माइकल फैराडे और ऊपर full detail में बता रखा है।

Ac मोटर कितने प्रकार के होते है ?
AC मोटर 2 प्रकार के होते है जो हमने ऊपर बता रखा है।

इंडक्शन मोटर किसे कहते हैं मोटर वाइंडिंग थ्योरी इन हिंदी

12 वोल्ट डीसी मोटर क्या होती?
12 volt dc motor का मतलब होता है वह मोटर जो 12 volt dc करंट पर चलती है।

हमने अपनी इस Types of motors in hindi, मोटर कितने प्रकार की होती हैं।  की post में सभी प्रकार की मोटर को describe करने की पूरी कोशिश की है साथ ही मोटर के उपयोग भी बताए ।
अगर आपको किसी भी motor से related और अधिक जानकारी चाहिए तो आप हमें comment box में कमेंट करके पूछ सकते हैं उम्मीद करता हूं कि आपको हमारी इस post में सभी प्रकार की information मिल गई होगी

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 मैं अपने blog में electrical से related post करता रहता हूं कृपया आप हमारे blog में बने रहिए और अगर आपको हमारी यह post अच्छी लगे तो आगे share जरूर करना मोटर कितने प्रकार के होते है इससे related कोई भी qus हो तो  comment करें।
अगर आप चाहते है कि मोटर वाइंडिंग थ्योरी इन हिंदी तो आप कमेंट करें।



Types of motors in hindi, मोटर कितने प्रकार की होती हैं। Types of motors in hindi, मोटर कितने प्रकार की होती हैं। Reviewed by Rajeev Saini on March 24, 2019 Rating: 5

6 comments:

  1. Pretty good post. I just stumbled upon your blog and wanted to say that I have really enjoyed reading your blog posts. Any way I'll be subscribing to your feed and I hope you post again soon. Big thanks for the useful info. AC Cleaning Abu Dhabi

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  2. Sir hame ac motor ke bare me vishtar se jankari de

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